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मैकल पर्वत की चोटी पर छत्तीसगढ़ पर्यटन ने लिया आकार, खुले रोजगार के द्वार

कवर्धा: अगर आप अपनी फैमली के साथ छुट्टियों में सैर-सपाटे के शौकिन है या देश के प्रमुख प्रर्यटन स्थल जैसे दार्जलिंग, शिमला, कुल्लु-मनाली या फिर उंटी के शौक रखते है तो आपको उन भी पर्यटन स्थलों की अनुभूति छत्तीसगढ़ में मिल सकती है। छत्तीसगढ़ के मैकल पर्वत श्रृंख्ला की चोटी चिल्फी के सरोदा दादर में शिमला जैसे ठंड की अनुभूति और आनंद मिल सकता है। दरअसल संपूर्ण कबीरधाम की वादियां मैकल पर्वल की विशाल श्रृंख्ला की तलहटी पर बसा हुआ है। इस हिस्से को सतपुड़ा के घने जंगल का क्षेत्र भी कहा जाता है। यह तस्वीर उसी विशाल मैकल पर्वत श्रृंख्ला की एक हिस्से की है, जहां पर्यटन संभावना को आकार दिया गया है।

सरोदा दादर की खुबसूरती और सुविधाएं एक नजर में

सरोदा दादर पर्यटक स्थल अथवा रिसॉर्ट का मुख्य आकर्षण यहाँ का प्रवेश द्वार है जिसे स्थापत्य कला के अनुरूप आकर्षक रूप दिया गया है। इस रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिये सुंदर लैंडस्केपिंग, फलों और फूलों के पेड़ पौधे, साइनेजेपर, पार्किंग, सोलर प्रकाशीकरण, गार्ड रूम, ओवरहेड वाटर टैक, डस्ट बिन्स आदि बनाए गए हैं। इस रिसॉर्ट के निर्माण से कबीरधाम के निकट पर्यटकों को सुरम्य प्राकृतिक वातावरण में रूकने के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध हो गयी है। मैकल पर्वत श्रृंख्ला की चिल्फी घाटी छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। ठंड के मौसम में यहाँ मैदानों में घास पर बर्फ की परत जम जाती है। पर्यटक यहीं रूककर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश तथा बैगा जनजाति की संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे।

कबीरधाम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल

कबीरधाम जिले में पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक, पुरातत्विक, धर्मिक एवं पर्यटन महत्व के स्थल (1) भोरमदेव मंदिर ( 2) मड़वा महल (3) छेरकी मंदिर (4) चरण तीरथ (5) पुरात्तव महत्व के स्थल पचराही (6) बकेला, प्राकृतिक सौदर्य से अभिभूत प्रदेश की सबसे लम्बी चिल्फी घाटी जिसे नागमोरी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिये क्योकि इस घाटी की आकार नाग (सर्प) के सामान है। (7) भोरमदेव अभ्यारण (8) हिल स्टेशन (चार) है जहाँ से मैकल पर्वत माला की श्रृंखला  देखी जा सकती है। इसके अलावा सहसपुर लोहारा में घटी के समान दिखाई देने वाली ऐतिहासिक बावली कुंआ, (9) रामचुआ मन्दिर, यहां ऐसी मान्यता है नर्मदा नदी के जल का दर्शन होता है। (10) डोंगरिया का जालेश्वर महादेव (11) जिले मे पांच मध्यम जलाशय है जिसमें सरोधा डेम, सुतियापाठ जलाशय, क्षीरपानी जलाशय, कर्रानाला बैराज और बैहराखार जलाशय है। इन सभी पर्यटन स्थलों के देखने और लुफ्त उठाने के लिए छुट्टियों में अपने परिवार को कम से कम 2 से 3 तीन का समय दिया जा सकता है।

राजधानी से महज 120 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है कबीरधाम

कबीरधाम जिला छत्तीसगसढ़ की राजधानी रायपुर (अंतराष्ट्रीय हवाई मार्ग) से महज 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां आने के लिए वाताअनुकुलित नॉन स्टॉप बस सेवाए उपलब्ध है, जो महज 2 घटे 30 मीनट के कम समय में रायुपर से कवर्धा पहुंचा देती है। कवर्धा शहर में स्थनीय स्तर पर ठहने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के रिसॉट के अलावा बहुत सस्ते दर पर हॉटल उपलब्ध है।

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