उत्तर प्रदेश

उप्र: चिकित्सकों की लापरवाही से किशोर की मौत

बांदा: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाएं सु²ढ़ करने का दावा कर रही हो, लेकिन चिकित्सक लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे। इसका जीता जागता उदाहरण गुरुवार को बांदा जिले की जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां विचित्र बुखार से पीड़ित ग्यारह साल के किशोर ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव के रहने वाली मृत बच्चे की मां कलुआ देवी यादव ने शुक्रवार को बताया कि वह विचित्र बुखार से पीड़ित अपने 11 साल के बच्चे विनोद को इलाज के लिए बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गई थी, लेकिन बीमारी बताने के बाद भी उसे हड्डी रोग का पर्चा थमा दिया गया।

वह बच्चे को लेकर हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास गई तो उसे जिला अस्पताल जाने की सलाह दी गई। जिला अस्पताल में पहुंचकर पर्ची बनवाने की कतार में खड़े रहते उसके बेटे ने गोदी में दम तोड़ दिया।

वह बताती है कि बच्चे का शव लेकर जिलाधिकारी से मिली और चिकित्सकों की लापरवाही की शिकायत की तो डीएम ने एंबुलेंस से शव गांव भिजवा दिया।

इस संबंध में जिलाधिकारी दिव्य प्रकाश गिरि ने फोन पर बताया कि पीड़ित परिवार बच्चे का शव लेकर उनके पास आए थे, मामले में चिकित्सकों की लापरवाही की जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
अब सवाल उठता है कि क्या जांच रिपोर्ट से बच्चे की जिंदगी वापस लौट आएगी? शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त क्यों नहीं की जा रहीं?

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