मध्य प्रदेश

मप्र: स्व-सहायता समूह की महिलाएँ संचालित कर रहीं नर्सरी

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिये मनरेगा अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सामुदायिक कार्य प्राथमिकता से करवाये जा रहे हैं, जिनमें अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो सके। मानसून अवधि में सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण, निजी भूमि पर फलोद्यान, मंदिर कुंज, हैबिटेट रेस्टोरेशन जैसे कार्य कराने तथा जल-संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडेम, गोवियन संरचना जैसे कार्य प्रारंभ किये गये।

इसी कड़ी में उमरिया में महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने की पहल जारी है। जिले में ग्रामीण आजीविका परियोजना के तहत गठित स्व-सहायता समूहों को करकेली जनपद पंचायत के डबरौंहा तथा मानपुर जनपद पंचायत के कछराटोला में नर्सरी लगाने का दायित्व सौंपा गया है।

मनरेगा योजना में मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम कछराटोला के कुमकुम स्व-सहायता समूह ने नर्सरी रोपण का काम प्रारंभ किया है। इन महिलाओं को उद्यानिकी विभाग, आजीविका परियोजना तथा परियोजना अधिकारी मनरेगा द्वारा प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया है। समूह की सदस्य संख्या 12 है। समूह को दो लाख 62 हजार रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई।

इसी तरह करकेली जनपद पंचायत के ग्राम डबरौंहा के रानी स्व-सहायता समूह के 12 सदस्यों को नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया है। नर्सरी की तैयारी के लिये समूह को 13 हजार रूपये उपलब्ध कराये गये है। नर्सरी के कार्य से जहाँ महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं समूह की महिलाएँ आर्थिक गतिविधि का संचालन कर आय अर्जित कर सकेंगी। प्रथम वर्ष में नर्सरी निर्माण में 383 मानव दिवस तथा नर्सरी गतिविधियों में 3922 मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा।

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