मध्य प्रदेश

लंबित पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करें: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

भोपाल: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभाग में लंबित पेंशन एवं अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करें। कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहे। महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध करने का पुनरीक्षण करें। विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की जानकारी प्राप्त कर उन्हें आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करायें। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने उक्त निर्देश मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में दिये।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्षाकालीन विधानसभा सत्र के महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी समय पर करें। आगामी 15 अगस्त के पूर्व समस्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा एक-एक गाँव को गोद लेने का कार्य पूर्ण करें। वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के लंबित प्रकरण समय पर निराकृत करें। भवनों के रख-रखाव के लिये महाविद्यालयों को आवश्यकतानुसार राशि दी जाये। उन्होंने कहा कि 200 महाविद्यालयों की अधोसंरचना मजबूत करने की कार्यवाही समय पर पूरी करें। विभाग के एकीकृत पोर्टल का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें।

मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 50 महाविद्यालयों का बहु-विषयक संस्थानों और 150 महाविद्यालयों को क्वॉलिटी लर्निंग सेंटर के रूप में उन्नयन करने का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। विभाग द्वारा 160 महाविद्यालयों में 282 सर्टिफिकेट एवं 177 डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के संचालन की जारी की गई अनुमति के अनुसार पाठ्यक्रम संचालित करें। इसी तरह 100 कॉलेजों में आईटी की अधोसंरचना को कम्प्यूटर लैब के साथ सुदृढ़ करने का कार्य विश्वविद्यालयों में इन्क्यूवेशन सेंटर स्थापित करने का कार्य समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जाये। विभागीय छात्रवृत्ति देने का कार्य शेष नहीं रहे। मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के तहत विभाग की सेवाएँ लाई जायें। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, अपर आयुक्त चन्द्रशेखर वालिम्बे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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