दिल्ली

हुनर हाट का आयोजन 14 से 27 नवम्बर तक प्रगति मैदान में किया जायेगा: मुख्तार अब्बास नकवी

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि अगले हुनर हाट का आयोजन 14 से 27 नवम्बर तक यहां प्रगति मैदान में किया जायेगा

नई दिल्ली: केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि अगले हुनर हाट का आयोजन 14 से 27 नवम्बर तक यहां प्रगति मैदान में किया जायेगा।

नकवी ने बताया कि मंत्रालय ने एक से 10 नवम्बर तक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुनर हाट का आयोजन किया जिसमें 10 लाख से ज्यादा लोग आये। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से आये दस्तकारों, शिल्पकारों एवं खानसामों के स्वदेशी हस्तनिर्मित दुर्लभ उत्पादों और लजीज़ व्यंजनों के साथ-साथ प्रसिद्द कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये गए पारम्परिक गीत-संगीत के कार्यक्रम यहाँ आने वाले लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।

इस हाट में दस्तकारों तथा शिल्पकारों ने करोड़ों रूपये के स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की और उनसे जुड़े 100 लोगों को रोजगार के अवसर मिले।

नकवी ने कहा कि इस साल और अगले वर्ष आयोजित किये जाने वाले सभी ‘हुनर हाट’ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के थीम पर आधारित होंगे। अगला ‘हुनर हाट’ यहां प्रगति मैदान में 14 से 27 नवम्बर और मुंबई में 20 से 31 दिसंबर के बीच होगा। गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेर्री, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुबनेश्वर, अजमेर में भी हुनर हाट का आयोजन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 5 वर्षों में दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी हुनर को बाजार की जरूरतों के हिसाब से तराशने एवं प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी राज्यों में ‘हुनर हब’ स्थापित करने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है। मोदी सरकार-2 के पहले 100 दिनों में ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 ‘हुनर हब’ स्वीकृत किये हैं। इन में दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जायेगा और उनके हुनर को और निखारा जायेगा। ‘हुनर हाट’ जैसी रोजगारपरक ’योजनाओं से बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक वर्ग के पारम्परिक दस्तकारों, शिल्पकारों का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हुआ है।

पिछले 3 वर्षों में प्रमुख आर्थिक केंद्रों में आयोजित एक दर्जन से ज्यादा ‘हुनर हाट’ के जरिये 2 लाख 50 हजार से ज्यादा कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों, खानसामों और उनसे जुड़े हुए लोगों को रोजगार और रोजगार के मौके मिले हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी शामिल हैं। अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार ‘हुनर हाट’ के माध्यम से लाखों ‘हुनर के उस्ताद’ कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों और पारंपरिक खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराएगी।

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