दिल्ली

हिंसा प्रभावित उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में स्थिति नियंत्रण में, मृतकों की संख्‍या 17 हुई: दिल्‍ली पुलिस

दिल्‍ली: दिल्‍ली के पुलिस आयुक्‍त अमूल्‍य पटनायक ने बताया है कि उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली के हिंसा वाले इलाकों में काफी हद तक स्थिति सामान्‍य हो गई है। उन्‍होंने पत्रकारों को बताया कि वरिष्‍ठ अधिकारी गश्‍त कर रहे हैं और अतिरिक्‍त बल भी लगाये गये हैं।

दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी के अनुसार हिंसा में मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 17 हो गई है। सुरक्षा बलों ने आज बाबरपुर, जौहरीपुर और मौजपुर में फ्लैग मार्च किया। विशेष पुलिस आयुक्‍त कानून और व्‍यवस्‍था एस. एन. श्रीवास्‍तव और विशेष पुलिस आयुक्‍त अपराध सतीश गोलचा ने आज जाफराबाद इलाके का दौरा किया।

राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कल देर रात पुलिस उपायुक्‍त उत्‍तर पूर्व के कार्यालय में उच्‍च पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में स्थिति की समीक्षा की। श्री डोभाल ने हिंसा वाले इलाकों का दौरा किया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि राजधानी में कानून तोड़ने की कोई कार्रवाई बर्दाश्‍त नहीं की जायेगी और पर्याप्‍त संख्‍या में पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल तैनात कर दिये गये हैं। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में रखने की समुचित कार्रवाई करने की छूट दे दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के कई इलाकों में जारी स्थिति की आज समीक्षा की। कई ट्वीट के माध्यम से श्री मोदी ने कहा कि पुलिस तथा अन्य एजेंसियां शांति स्थापित करने और स्थिति को सामान्य बनाने में जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शांति और सदभाव हमारे देश के चरित्र में शामिल हैं। उन्होंने सभी से हमेशा शांति और भाईचारा बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थिति को यथाशीघ्र सामान्य बनाना सबसे जरूरी है।

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी से पुलिस के मनोबल पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा पर केन्द्र को दोष देना गंदी राजनीति है।

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविन्‍द केजरीवाल ने कहा है कि स्थिति चिन्‍ताजनक है और पुलिस पूरी कोशिश के बावजूद स्थिति पर काबू पाने और लोगों में विश्‍वास जमाने में कामयाब नहीं हो रही है। उन्‍होंने कहा किसी भी हिंसा प्रभावित इलाकों में तुरन्‍त सेना बुलाई जानी चाहिए और कर्फ्यू लागू होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि वे इस बारे में गृहमंत्री को लिख रहे हैं।

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