छत्तीसगढ़

दुर्घटना सूचना प्रौद्योगिकी के साथ गैर प्रदूषणकारी वाहन, फाॅग हार्वेस्टिंग सिस्टम और गणित को आसानी से समझने के माॅडलों ने किया आकर्षित

राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में अपशिष्ट प्रबंधन के विषय पर आधारित तमिलनाडु के वाई.आर.टी.व्ही. हायर सेकेण्डरी स्कूल पूठैम्मल के विद्यार्थी आर. वरूण चंद द्वारा स्वचालित दुर्घटना सूचना प्रौद्योगिकी के साथ गैर प्रदूषणकारी वाहन का माॅडल प्रदर्शित किया गया है

रायपुर: राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में अपशिष्ट प्रबंधन के विषय पर आधारित तमिलनाडु के वाई.आर.टी.व्ही. हायर सेकेण्डरी स्कूल पूठैम्मल के विद्यार्थी आर. वरूण चंद द्वारा स्वचालित दुर्घटना सूचना प्रौद्योगिकी के साथ गैर प्रदूषणकारी वाहन का माॅडल प्रदर्शित किया गया है, जो लोगों को बेहद आकर्षित कर रहा है। माॅडल का उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना भी है। यह स्व-चालित दुर्घटना तकनीक के साथ गैर प्रदूषणकारी वाहन के क्रियाकारी माॅडल को प्रदर्शित कर रहा है। यह वायु से कार्बन मोनो-ऑक्साइड और जहरीली गैसों को कम करके वायु प्रदूषण को कम करता है। इसमें एक सायलेंसर होता है, जो कार्बन मोनो-ऑक्साइड को 70 प्रतिशत तक अवशोषित कर देता है।

संसाधन प्रबंधन विषय पर आधारित मेघालय के लिटिल स्टार सेकेण्डरी स्कूल लैड्रीबाई पूर्वी जयंतिया हिल्स की विद्यार्थी दामिनी फावा का फाॅग हार्वेस्टिंग सिस्टम का माॅडल कोहरे में उपस्थित जल कणों को इकठ्ठा करने के लिए एक दक्ष निकाय की डिजाइन किया गया है। इस डिजाइन में जल की छोटी बूंदों को इकठ्ठा करने के लिए सूक्ष्म नायलोन के धागों से निर्मित आयताकार जालियों का उपयोग किया गया है। यह यौगिक जल रागी और जल भीरू प्रकृति के होते हैं। इस जाली को भूमि पर खम्भों की सहायता से उध्र्वाधर लगाया जाता है। कोहरे में उपस्थित जल की छोटी बूंदे जाली पर संघनित हो जाती हैं। इस संघनित जल को पाईपों के द्वारा नीचे संग्रहित किया जा सकता है।

संसाधन प्रबंधन विषय पर आधारित कोचीन केरल के नेवी चिल्ड्रेन स्कूल नेवल बेस के विद्यार्थी स्पंदन करवाडे का कम्प्यूटरीकृत न्यूमेरिकल कंट्रोल मशीन कम्प्यूटर से चलने वाली एक मशीन का कार्यकारी माॅडल है। इसे अनेक कार्यों जैसे – पीसीवी नक्कासी, चक्की चलाना, काटना, लिखना और आरेखन के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह कम लागत की मशीन है जो उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली उन मशीनों के जैसी है जिनसे परिष्कृत माल सटीकता से तैयार किया जाता है।

गणितीय प्रतिरूपण विषय पर आधारित मेमुंडा हायर सेकेण्डरी स्कूल वडाकारा कालीकट केरल के विद्यार्थी चरूदथ जे.जे. का प्रिज्माकार स्तंभ का माॅडल यह दर्शाता है कि किस तरह प्रिज्म, पिरामिड और छिन्नक जैसे ज्यामितिय आकारों का उपयोग विभिन्न भवनों के निर्माण में किया जा सकता है। माॅडल में एक प्रिज्म के आकार का खम्भा है। इसे बनाने के लिए सनपेक सीट से बने एक चैकोर पिरामिड को उसके आधार के समानांतर काटा जाता है। इससे छोटा चैकोर पिरामिड ऊपर की ओर मिलता है और बचा हुआ आकार एक वर्गाकार छिन्नक होता है।

गणितीय प्रतिरूपण विषय पर आधारित कन्नूर केरल कुडली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी गोपिका के. आर्किमिडीज गैलरी का माॅडल प्रख्यात गणितज्ञ आर्किमिडीज के प्रमुख कार्यों को आर्किमिडीज गैलरी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आर्किमिडीज में वृत्त, वर्ग, त्रिभुज, आयत इत्यादि आकारों द्वारा अपने सिद्धांतों को सिद्ध किया है। इस माॅडल में ‘पाई का सन्निकटन’ वृत्त के एवं समकोण त्रिभुज के क्षेत्रफलों के बीच संबंध, बेलन और शंकू के बीच संबंध, गोले का आयतन, अरबेलोस तथा उसके गुण जैसी अवधारणाओं को दर्शाया गया है।

गणितीय प्रतिरूपण विषय में ही जादुई षट्भुज का माॅडल विभिन्न तकनीकों के प्रयोग से बनाया गया है। ज्यामिति में षट्भुज एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। माॅडल में एक अनियमित षट्भुज का प्रयोग किया गया है। समरैखिकता का सिद्धांत, संगामिति का सिद्धांत और दर्पण की फोकस दूरी जैसे सिद्धांतों का प्रयोग इस माॅडल में किया गया है। यह माॅडल तेलंगाना राज्य के परमिता हाई स्कूल पद्म नगर, करीम नगर के विद्यार्थी जी. अनुदीप और एस.डी. मेहताब मुजीब ने बनाया है।

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