छत्तीसगढ़

हिन्दू धर्म एक विचार है, एक विचारधारा है, लालच को त्यागें और सनातन धर्म की रक्षा करें: स्वरूपानंद सरस्वती

रायपुर : रायपुर के बोरियाकला में स्थित भगवती राजराजेश्वरी मंदिर व शंकराचार्य आश्रम में विराजमान परम पूज्य ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हिन्दू धर्म एक विचार है , एक विचारधारा है। मुस्लिम जैसे कुरान पढ़ते हैं, ईसाई जैसे बाइबिल पढ़ते हैं ठीक उसी तरह हिन्दू को वेद शास्त्र पढ़ना चाहिए साथ ही भगवद गीता का अध्ययन करना चाहिए। फर्जी बाबाओं तथा जेल में बंद तथाकथित गुरुओं के संबंध में प्रश्न पूछे जाने पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सन्यासी वे होते हैं जो अपने घर को त्याग , लालच को त्याग , आजीवन कुंवारे रहकर साधना / तप करे और मानव सेवा हेतु कार्य करते हुए सनातन धर्म की रक्षा करे और लोगों को सही दिशा, मार्ग दिखाए। अधिक प्रत्याशा ही लालच को जन्म देती है जिससे लोग पथ भ्रमित होकर उस प्रत्याशा को पूर्ण करने में लग जाते हैं। पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आज रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम में भक्तों से सत्य के मार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया साथ ही सनातन धर्म की रक्षा करने की भी बात कही। उनसे जब पूछा गया कि अंग्रेजी भाषा ज्यादा हावी होती जा रही है और संस्कृत नहीं के बराबर है तो स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि यह तो भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय को देखना चाहिए, विचार करना चाहिए। पाठ्यक्रम वे तय करते हैं हम सन्यासी नहीं तय करते। आज महाराजश्री ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रान्तों से आये भक्तों को दीक्षा मंत्र प्रदान किये और आशीर्वचन दिए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से शंकराचार्य जी के निज सचिव ब्रह्मचारी सुबुद्धानन्द महाराज, रायपुर शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद, धरसींवा विधायक देवजी भाई पटेल, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, योग आयोग के सचिव एम.एल.पांडेय, डी.पी.तिवारी, योगेंद्र शंकर शुक्ल, मंगत राय अग्रवाल, डी.डी.अग्रवाल, कुसुम सिंघानिया, गीता माहेश्वरी, अनिल पांडेय, मयंका पांडेय, आचार्य धर्मेन्द्र, आचार्य महेंद्र तिवारी, रत्नेश शुक्ल, सोनू चंद्राकर, शैलू नंदा, हर्षित तिवारी, मठ केे पुरोहित रामकुमार उपाध्याय व 400 से अधिक की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी ने उक्त कथन विज्ञप्ति जारी कर के दिये और कहा कि 8 फरवरी को शंकराचार्य महाराज के पुनः दर्शन लाभ सुबह से दोपहर 3 बजे तक होंगे तथा इसके पश्चात वे 3 दिवसीय प्रवास हेतु भिलाई जाएंगे जहाँ वे भक्तों से मिलेंगे और आशीर्वचन देंगे। प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी ने आगे बताया कि पूज्य शंकराचार्य महाराज विशेष सलून द्वारा झारखंड के कालि-कोकिला संगम स्थल पर स्थित विश्व कल्याण आश्रम हेतु प्रस्थान करेंगे जहाँ पर पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती 16 फरवरी से 22 फरवरी तक आदिवासी बहुल क्षेत्र में अपने श्रीमुख से भागवद प्रवचन देंगे तथा होली भी उन्हीं के संग मनाएंगे।

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