छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय कृषि मेला: नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी पर आधारित झांकी का होगा जीवंत प्रदर्शन

रायपुर: राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन रायपुर जिले के फल-सब्जी उप मंडी तुलसी बाराडेरा में 23 से 25 फरवरी तक किया जाएगा। मेला में शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी पर आधारित जीवंत झांकी का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें योजना के लागू होने से पशुधन के संरक्षण, संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रही वृद्धि के बारे में विस्तार से अवगत कराया जाएगा। साथ ही पशुधन से प्राप्त होने वाले गोबर तथा गो-मूत्र इत्यादि से तैयार की जाने वाली उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के चार आधार स्तभों को ध्यान में रखते हुए सुराजी गांव की परिकल्पना की गई है। इस अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए कृषि एवं संबंद्ध विभाग के साथ-साथ ग्रामीण विकास, जल संसाधन, राजस्व, ग्रामोद्योग तथा ऊर्जा आदि विभागों द्वारा महती भूमिका निभायी जा रही है। इसमें नरवा कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में उपलब्ध जल स्रोतों का संरक्षण करने से ग्रामीण अंचलों में किसानों को पानी उपलब्ध होगा और भू-जल स्तर में भी वृद्धि होगी। घुरवा से जैविक खाद के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

इससे किसानों को कम लागत में जैविक खाद उपलब्ध होगा और भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी। इस योजना के तहत पशुओं के रख-रखाव, देखभाल और संवर्धन के लिए गरूवा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक गांव में ग्रामीणों के घर के पीछे भूमि पर साग-सब्जियों तथा फलों आदि उत्पादन किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को जहां पोषण आहार प्राप्त होगा। वहीं फल-सब्जी के विक्रय से उनकी आर्थिक क्षमता में वृद्धि होगी।

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