छत्तीसगढ़

किसानों के आर्थिक गतिविधियों को सम्बल प्रदान करेगी गोधन न्याय योजना

बेमेतरा: प्रदेश का बेमेतरा जिला पूर्णतः कृषि प्रधान जिला है। यहां के शत-प्रतिशत कृषक कृषि पर निर्भर है। किसानो के उत्तरोत्तर विकास के लिए राज्य शासन द्वारा गोधन न्याय योजना प्रारंभ की जा रही है। राज्य सरकार की दूरदर्शिता से पशु पालकों तथा किसानों के हित मे बनाई गई यह योजना जिले के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी।

राज्य मे ग्रामीण क्षेत्रो की आर्थिक गतिविधियो को बढ़ावा देने के लिए गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा। इस योजना के तहत लावारिस घुमते पशुओं की रोकथाम और गोबर क्रय से लेकर इसके जरिए वर्मी कम्पोस्ट खाद के उत्पादन की पूरी व्यवस्था की जाएगी। गौवंशीय पशुओ की संरक्षण के लिए जिले मे 191 गौठानो की स्वीकृति दी गई है। इनमेे से अधिकांश गौठानो का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। गौठान गांव मे आजीविका का केन्द्र तो बनेगा ही, साथ ही यह योजना हर वर्ग के लिए लाभ दायक होगी। शहरों मे खुले मे घुमने वाले पशुओं की रोकथाम होगी। जानमाल एवं फसल नुकसान पर लगाम लगेगी। वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

रासायनिक खादों के नकारात्मक साइड इफेक्ट से निजात मिलेगी। किसान अधिक उत्पादन ले सकेंगे और भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रहेगी। गोधन न्याय योजना के माध्यम से तैयार होने वाली वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से होगी। किसानों के साथ-साथ वन, कृषि, उद्यानिकी नगरीय प्रशासन विभाग को पौधरोपण एवं उद्यानिकी की खेती के समय बड़ी मात्रा मे खाद की जरुरत होती है। इसकी आपूर्ति भी इस योजना के माध्यम से उत्पादित खाद से हो सकेगी। राज्य सरकार द्वारा पशु पालकों तथा किसानों के हित मे बनाई गई गोधन न्याय योजना जिले के किसानों के आर्थिक गतिविधियों को सम्बल प्रदान करेगी।

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