विचार

मनवा मत हो बेपरवाह, मास्क सही तरह से पहनने के लिए जनजागरूकता जरूरी

Article Written By: हर्षा पुराणिक

रायपुर: कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए शासकीय प्रयासों के साथ ही जनजागरूकता की जरूरत है। लोगों को यह समझना होगा कि यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के दूसरे के निकट संपर्क में आने से, खांसने, छींकने, बोलने से होती है और हवा के जरिये फैलती है। इससे बचने का फिलहाल उपाय एक ही है कि मास्क सही तरीके से लगाया जाए, मुंह और नाक अच्छी तरह ढंककर, गले में नही लटकाकर।

गले में मास्क लगा कर हम फाइन से बच सकते है पर कोरोना से नही। मास्क को  बोलते समय भी नही हटाया जाए क्योंकि उसी समय अपनी थूक के साथ इसके कण तेजी से बाहर निकलते हैं। बोलते समय मास्क पहने रहने से भी आावाज साफ सुनाई देती है, बस थोड़ी उंची आवाज में बोलना पड़ता है जो कि संक्रमित होने या करने से बेहतर है।

एक जन अभियान शुरू करना होगा कि जो व्यक्ति मास्क न पहना हो, उसे प्रेरित किया जाए, जो दुकानदार या उसके कर्मचारी मास्क न पहने हों और बोलने पर भी नही मान रहे हो, उनसे सामान न लिया जाए। लोग इसे स्वयं अपनी सोसायटी, कालोनी, कांम्प्लेक्स में लागू करा सकते हैं। हर व्यक्ति यदि ऐसा सोचेगा और करेगा तभी हम अपने गांव, शहर ,प्रदेश और देश में कोरोना के संक्रमण को रोक सकते हैं।

जिन देशो में सामान्य गतिविधियां प्रारंभ हो गई हैं वहां भी मास्क पहन कर ही सभी कार्य किए जा रहे हैं।

अभी भी समय है संभलने का क्योंकि त्यौहारो का मौसम भी आ रहा है,जब सबसे अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। कोरोना से बचने के तीन मूल मंत्र मास्क पहनें,भीड़ से बचें और सफाई रखें। परवाह करें अपनी और अपनों की ।

हर्षा पुराणिक, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

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