विचार

लेख: अमेरिका में छत्तीसगढ़ को मिली ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘ की पहचान

आलेख: जी.एस.केशरवानी-अंकित पाण्डेय

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 10 दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरानग्रामीण आर्थिक मॉडल को अमेरिका में खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘ के रूप में नई पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आर्थिक माडल के जरिए वैश्विक मंदी के बावजूद सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इसे हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अमेरिकी विद्वानों की सराहना मिली। श्री बघेल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया। नोबल अर्थशास्त्री प्रो. अभिजीत बनर्जी से मुख्यमंत्री की सौजन्य मुलाकात में श्री बनर्जी ने भी छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास के लिए उठाये गए कदमों की खुले दिल से तारीफ की।

मुख्यमंत्री बघेल अमेरिकी प्रवास के दौरान एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, सेन फ्रांसिस्को में ज्प्म् सिलिकॉन वेली के कार्यक्रम सहित अन्य कई मंचों पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को साझा किया। श्री बघेल विश्व की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेम्बली भी पहुंचे और वहां की कार्यप्रणाली जानी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स और औद्योगिक प्रतिनिधियों से मिल कर श्री बघेल ने उन्हें बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को इन्वेस्टमेंट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सेन फ्रांसिस्को में भूपेश बघेल ने इंडिया कम्युनिटी सेंटर, सेनजोस में ज्प्म् सिलिकॉन वेली द्वारा आयोजित सम्मेलन में भारतीय समुदाय को सम्बोधित किया और नाचा (नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन) के सदस्यों से भी मुलाकात कर लगभग 250 निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हर दृष्टि सेनिवेष फायदेमंद है। अपनी अमेरिका यात्रा के दौरानमुख्यमंत्री ने दुनिया की सबसे बड़ी डेटा सेंटर कंपनी-इक्विनिक्स का भ्रमण किया तथा वे सिलिकॉन वेली और रेड वुड शोर्स में ऑटो ग्रिड सिस्टम के औद्योगिक प्रतिनिधियों और निवेशकों से चर्चा में षामिल हुए जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोर सेक्टर, आईटी, फूड प्रोसेसिंग, जैव-विविधता सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश की ओर ध्यान आकर्षित किया ।

श्री बघेल हार्वर्ड विश्वविद्यालय के भारत सम्मेलन में ‘लोकतान्त्रिक भारत में जाति और राजनीति’ विषय पर आयोजित चर्चा में शामिल हुए।उन्होंने हार्वर्ड के स्टूडेंट्स को विशेषकर नरवा, गरवा घुरवा और बाड़ी योजना के विषय में विस्तृत जानकारी दी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ ही कृषि विकास पर सुझाव दिए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में हुये अभिनवकारी प्रयोग पर शोध हेतु जल्द ही हार्वर्ड विश्वविद्यालय का एक दल छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा। मुख्यमंत्री बघेल को अगली बार भी हार्वर्ड विष्वविद्यालय में व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया । इस अवसर पर वहां के स्टूडेंटस ने मुख्यमंत्री से राज्य से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट स्पांसर करने कई मांग भी रखी।

बोस्टन में मुख्यमंत्री बघेल की मुलाकात एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मेनेजमेंट के प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न और सोशल प्रोग्रेस इम्पेरेटिव के सीईओ माइकल ग्रीन से हुई। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ राज्य के इकोनॉमिक एवं सोशल इंडेक्स, सोशल इकानॉमी सर्वे और सोशल ऑडिट सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने एमआईटी केम्ब्रिज ऑन इकोनॉमिक्स में नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से सौजन्य मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी, हॉट बाजार क्लिनिक योजना, सुपोषण अभियान और एथेनाल प्रोजेक्ट जैसे विषयों पर बातचीत की। प्रो. बनर्जी ने छत्तीसगढ़ सरकार के नवाचारों और ग्रामीण विकास की योजनाओं को सराहा और मुख्यमंत्री के अनुरोध पर जुलाई में छत्तीसगढ़ आने की सहमति दी ।

न्यूयार्क में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरण दास महंत और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड नेशन के हेड क्वार्टर का भ्रमण किया और वहां की कार्यप्रणाली जानी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परमानेंट मिशन ऑफ इंडिया टू द यूनाइटेड नेशन न्यूयॉर्क (UNHQ) के कार्यक्रम में शामिल हुए।

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