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जैविक हथियारों का आतंकवाद एक बड़ा ख‍तरा, इससे निपटने के लिए सर्तक रहना होगा: राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जैविक हथियारों का आतंकवाद एक बड़ा ख‍तरा है

नई दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जैविक हथियारों का आतंकवाद एक बड़ा ख‍तरा है। उन्‍होंने कहा कि सशस्‍त्र सेनाओं की चिकित्‍सा सेवाओं को इस खतरे से निपटने के लिए आगे आना होगा। रक्षामंत्री नई दिल्‍ली में शंघाई सहयोग संगठन-एससीओ के सैन्‍य चिकित्‍सा सम्‍मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि युद्ध लड़ने के नये और गैर पारम्‍परिक तरीके हमारे लिए चुनौतियां हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि परमाणु रसायन और जैविक युद्ध इस खतरे में शामिल हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि सशस्‍त्र सेनाओं की चिकित्‍सा सेवाओं को इन चुनौतियों को पहचानना होगा। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि सम्‍मेलन में इन विषयों पर आधारित सत्र बहुत लाभदायक होंगे। रक्षामंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन के सदस्‍यों को भरोसा दिलाया कि भारत इस क्षेत्र के लोगों के हितों के लिए आगे बढ़कर सहयोग जारी रखेगा।

जून 2017 में एससीओ का सदस्‍य बनने के बाद भारत पहली बार सैन्‍य सहयोग सम्‍मेलन आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्‍य एससीओ सदस्‍य देशों के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए उपायों का आदान-प्रदान करना है। लगभग 27 अंतर्राष्‍ट्रीय और 40 भारतीय प्रतिनिधि इस सम्‍मेलन में भाग ले रहे हैं।

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