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भारत और मालदीव के बीच पहली बार एक यात्री और मालवाहक फेरी सर्विस पर सहमति बनी

माले: भारत और मालदीव के बीच पहली बार एक यात्री और मालवाहक फेरी सर्विस पर सहमति बनी है। यह फेरी केरल के कोच्चि से मालदीव की राजधानी माले तक (कुल्हूधूफुशी एटॉल होकर) आएगी। बताया गया है कि इससे न केवल दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे बल्कि पर्यटन भी बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मालदीव के दो दिन के दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान फेरी चलाने के लिए भारत और मालदीव ने नौका चलाने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए। कोच्चि और माले के बीच की दूरी 700 किमी है जबकि कोच्चि से कुल्हूधूफुशी के बीच की दूरी 500 किमी है।

दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली विदेश यात्रा पर शनिवार को मालदीव पहुंचे। राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने मोदी को निशान इज्जुद्दीन से सम्मानित किया। यह विदेशी प्रतिनिधियों को दिया जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान है। मोदी ने मालदीव की संसद मजलिस को भी संबोधित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद की स्टेट स्पॉन्सरशिप सबसे बड़ा खतरा है। लोग अभी भी गुड टेररिज्म और बैड टेररिज्म का भेद करने की गलती कर रहे हैं। पानी अब सर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद की चुनौती से भली प्रकार से निपटने के लिए सभी मानवतावादी शक्तियों का एकजुट होना जरूरी है। इससे निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती है जिस तरह विश्व समुदाय ने पर्यावरण के खतरे पर विश्वव्यापी सम्मेलन किए, वैसे आतंकवाद के विषय में क्यों नहीं हो सकते।”

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