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सहूलियत: फास्टैग से पेट्रोल-डीजल भरवाएं, चुकाएं पार्किंग शुल्क

Facility: Get Fastag filled with petrol and diesel, pay parking fee

नई दिल्ली: कोरोना महामारी से बचाव के लिए दो गज की दूरी बनाए रखने में केंद्र सरकार की फास्टैग योजना कारगर साबित होने जा रही है. केंद्र सरकार की फास्टैग का इस्तेमाल अब पेट्रोल-डीजल-सीएनजी सहित पार्किंग सुविधा शुल्क के भुगतान में करने की योजना है. इस फैसले से कोरोना से बचाव के अलावा उपभोक्ताओं को पार्किंग में अधिक वसूली से भी छुटकारा मिलेगा.

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले दिनों अधिसूचना जारी करते हुए नए वाहनों के पंजीकरण व फिटनेस प्रणामपत्र हासिल करने के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फास्टैग को पेट्रोल-डीजल-सीएनजी और पार्किंग सुविधा शुल्क के भुगतान के लिए प्रयोग करने संबंधी एडवाइजरी जल्द ही राज्यों को जारी की जाएगी. उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दो गज की दूरी का नियम राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाज पर बखूबी हो रहा है. नकद के बजाय ऑनलाइन टैक्स के भुगतान व्यवस्था से वाहन ड्राइवर और टोलकर्मी एक दूसरे के संपर्क में नहीं आते हैं.

कोरोना संक्रमण से बचाव में मिलेगी मदद
फास्टैग से कोरोना महामारी संक्रमण के फैलाव को रोकने में काफी मदद मिल रही है. फास्टैग से पेट्रोल-डीजल और पार्किंग सुविधा शुल्क के भुगतान से लोगों को इस संक्रमण से बचाव करने में आसानी होगी. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से पहले महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता से शुरू की जाएगी. कई बड़े शहरों बेंगलुरु, हैदराबाद आदि शहरों के एयरपोर्ट, माल की पार्किंग में डिजिटिल भुगतान (फास्टैग) को शुरू किया चुका है. यहां पर परंपरागत नकद भुगतान का विकल्प भी रखा गया है.

हेराफेरी नहीं हो सकेगी
वाहन की विंड स्क्रीन पर लगे सरकार के फास्टैग में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक है. पार्किंग,पेट्रोल पंप पर हैंड हेल्ड डिवाइस से फास्टैग को रीड कर लिया जाता है. बैंक खाते से स्वत: पैसा कट जाता है. भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही उपभोक्ता के मोबाइल पर एसएमएस आ जाता है. मॉल में प्रवेश और निकास द्वारा पर लगे रीडर वाहन से घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा. इसमें हेराफेरी नहीं हो सकेगी. फास्टैग से नगर निगम, रेलवे व अन्य सरकारी पार्किंग में चोरी भी रुकेगी.

फास्टैग को जीपीएस को जोड़ने का सुझाव
परिवहन विशेष अनिल छिकारा ने सरकार की इस पहल को अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा कि फास्टैग को जीपीएस से जोड़ का सुझाव दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जीपीएम की मदद से पार्किंग में चोरी की गाड़ियों को पकड़ा जा सकेगा. इसके अलावा पार्किंग अथवा सड़क पर गलत तरीके से वाहन पार्किंग को रोका जा सकेगा. यातायात पुलिस को यातायात नियंत्रण करने में आसानी होगी.

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