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भारत का क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी – RCEP में शामिल नहीं होने का निर्णय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी-आरसीईपी में शामिल नहीं होगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी-आरसीईपी में शामिल नहीं होगा, क्योंकि करार की बातचीत में भारत की चिंताओं और सरोकारों को दूर नहीं किया जा सका है।

बैंकॉक में आरसीईपी शिखर सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की। बैठक में अनेक देशों के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। मोदी ने कहा कि आरसीईपी समझौते के मौजूदा स्वरूप में उसके मार्गदर्शक सिद्धांत और आधारभूत भावना पूरी तरह से दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के बकाया मुद्दों और चिंताओं का संतोषजनक रूप से समाधान नहीं करता। इस स्थिति में भारत के लिए आरसीईपी समझौते में शामिल होना संभव नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत व्यापक क्षेत्रीय एकीकरण के साथ-साथ मुक्त व्यापार के पक्ष में है। भारत नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को स्वीकार करता है।

बाद में, बैंकॉक में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव पूर्व विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि देश के मुख्य मुद्दों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह निर्णय राष्ट्र के हित में लिया गया है।

श्रीमती ठाकुर ने कहा कि चीन और आसियान देशों के साथ आरसीईपी समझौता अपने मौलिक उद्देश्य को नहीं दर्शाता और इसका निष्कर्ष संतुलित नहीं है।

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