स्वास्थ

RAIGARH: सोल्डर डिस्टोनिया की बीमारी से निर्जीव हो गए हाथ में फिर से लौट रही जान

जतन केन्द्र में फिजियोथैरेपी से स्वस्थ हो रही है जानवी

रायगढ़: जतन केन्द्र रायगढ़ में भर्ती नन्ही बच्ची जानवी विश्वकर्मा के हाथ में सोल्डर डिस्टोनिया की बीमारी से निर्जीव हो गए हाथों में फिजियोथैरपी से जान लौट रही है। सारंगढ़ के जगेश्वर विश्वकर्मा अपनी दो माह की बच्ची के बांये हाथ में लकवा की बीमारी से परेशान थे। बच्ची महज दो दिन की थी और अपना बांया हाथ नहीं उठा पा रही थी। डॉक्टरों को दिखाने पर कहा गया कि यह बीमारी केवल फिजियोथैरेपी से ठीक होने की संभावना है।

जगेश्वर विश्वकर्मा अपनी बच्ची को लेकर जतन केन्द्र आए जहां फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सिद्धार्थ सिन्हा (न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट) को जांच के उपरांत सोल्डर डिस्टोनिया बीमारी के लिए दो महीने फिजियोथैरेपी की सलाह दी। बच्ची के पिता श्री विश्वकर्मा ने जतन केन्द्र के निकट अपने रहने की व्यवस्था की और लगातार बच्ची फिजियोथैरेपी ले रही है। एक माह की फिजियोथैरेपी में जानवी अपने निर्जीव हो गए हाथ को हिला पा रही है एवं खुद से हाथों को उठा पा रही है।

शासन की योजनान्तर्गत जानवी विश्वकर्मा की हालत में दिन ब दिन सुधार आ रहा है। बच्ची के पिता जगेश्वर विश्वकर्मा ने कहा जतन केन्द्र ऐसी बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए एक विशेष केन्द्र है, जाहं ऐसी चिकित्सा सुविधा से उनकी बच्ची में तेजी में सुधार आ रही है।

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