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महासमुन्द: नि:शुल्क कैंसर शिविर में 02 की पुष्टि 03 संभावित

नि:शुल्क जांच- मंगलवार के शिविर में 81 ने कराई जाँच, 02 रिफर

महासमुंद: शरीर में जब कोशिकाएं असामान्य और अनियंत्रित हो कर विभाजित होने लगती हैं तो प्रकरण कैंसर संभावित हो सकता है। भ्रांतियों के चलते लोग परामर्श, जांच और उपचार लेने में हिचकिचाते हैं। लक्षण पहचान न होने की स्थिति में समस्या गंभीर हो कर भयावह और जानलेवा कैंसर का रूप ले लेती है। भ्रांतियां दूर करते हुये गंभीर स्थिति से जिले वासियों को बचाने लिये मंगलवार 04 फरवरी 2020 को जिला अस्पताल महासमुंद में बालको मेडिकल सेंटर के समन्वय से आयोजित निशुल्क कैंसर परामर्श शिविर में स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ लिया।

शिविर में मेकाहारा के कैंसर विशेषज्ञ डॉ राजेन्द्र पटेल और बालको मेडिकल सेंटर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ सुनील कौशिक ने 81 कैंसर संभावित मरीजों को परामर्श प्रदान किया। पाया गया कि उनमें से एक ब्रेस्ट और एक ओवरी कैंसर यानी कुल 02 कैंसर ग्रसित हैं, आगामी इलाज के लिये उन्हें राजधानी रिफर किया गया। वहीं, एक-एक ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर सहित एक ओरल कैंसर संभावित प्रकरण भी मिला, इन तीनों संभावित प्रकरणों में पूर्ण जांच उपरांत ही आगामी व्यवस्था की जायेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसपी वारे ने बताया कि इन प्रकरणों को लेकर स्थानीय निवासियों में जागरूकता के साथ स्वास्थ्य लाभ लेने की रुचि दिखी, जो की बहुत अच्छी बात है। आगामी समय में भी इसी तरह के शिविर आयोजनों में सहयोग की उम्मीद है। सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ आरके परदल के मुताबिक विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित हुये इस शिविर में व्यवस्थागत सेवायें प्रदाय की गईं। जिसमें राजधानी से आये विशेषज्ञों सहित जिले स्तरीय स्वस्थ्यकर्मचारियों ने दिये गये दायित्व निर्वहन में कोई कमी नहीं छोड़ी। आगे भी जनहित में ऐसे ही सेवायें प्रदाय करते रहेंगे। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकर, गैर संचारी रोग कार्यक्रम की जिला सलाहकार सुश्री अदीबा बट्ट एवं अस्पताल सलाहकार डॉ निखिल गोस्वामी का योगदान उल्लेखनीय रहा।

उल्लेखनीय है कि विशेषज्ञों की राय में कैंसर मुख्यतः चार अवस्थाओं में आंका जाता है। पहली व दूसरी सौम्य या प्रायमरी अवस्थाओं में हमेशा जरूरी नहीं कि ट्यूमर कैंसर वाले ही हों। लेकिन, तीसरी अवस्था से ट्यूमर बढ़ जाता है और चौंथी अवस्था आते तक मैटास्टेटिक अर्थात घातक या सैकेंडरी कैंसर के रूप में नजदीकी उत्तकों पर आक्रमण कर शरीर के अन्य भागों में भी फैल जाता है। अक्सर, मरीज भ्रांतियों के चलते प्रारंभिक स्तर पर लक्षण पहचान नहीं करते, जागरूकता और जानकारी के अभाव में भी इलाज नहीं कराने से यह असाध्य बीमारी के रूप में जानलेवा साबित हो सकता है। लेकिन, इस शिविर में लोगों ने जागरूकता का परिचय देकर नकारात्मक भ्रांतियों को गलत साबित किया।

71 एचडब्लूसी सहित स्वास्थ्य केंद्रों में रही जागरूकता की गुंज

जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकर ने बताया की विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जिले के 71 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स सहित स्वास्थ्य केंद्रों में भी जागरूकता आयोजन हुये। अभियान अंतर्गत रैली, गोष्ठी एवं जागरूकता शिविरों के माध्यम से कैंसर रोग से रोकथाम, उपचार और बचने के उपाय बतलाये गये।

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