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पीपीएफ: महीने में एक से ज्यादा किस्त भी कर पाएंगे जमा, बदल गए नियम

डाक विभाग ने हाल ही में सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से जुड़े नियमों में संशोधन किया था। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से जुड़े नियम भी शामिल हैं। नए नियमों को लेकर 12 दिसंबर 2019 को गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ था। दिसंबर में सरकार ने स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स को मैनेज करने के तरीके में भी बदलाव किया था। अब पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक्ट, 1968 और गवर्मेंट सेविंग्स सर्टिफिकेट्स एक्ट, 1959 दोनों गवर्मेंट सेविंग्स प्रमोशन एक्ट 1873 के तहत आते हैं।

इसके अलावा PPF नियमों में हुए बदलाव इस तरह हैं:

  • PPF में एक वित्त वर्ष में मिनिमम 500 और मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. पहले PPF अकाउंट में एकमुश्त या फिर एक माह में एक किस्त के रूप में पैसे जमा किए जा सकते थे। यानी साल में केवल 12 इंस्टॉलमेंट ही जमा की जा सकती थीं। लेकिन अब एक माह में एक से ज्यादा किस्त भी जमा की जा सकती हैं। इसके अलावा PPF खुलवाने के लिए अब फॉर्म ए के बजाय फॉर्म 1 भरकर जमा करना होगा।
  • PPF का 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद इसे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए जमाकर्ता चाहे तो ​डिपॉजिट चालू रख सकता है या फिर बिना डिपॉजिट के ही पहले से जमा धनराशि पर ब्याज पाता रह सकता है। डिपॉजिट के साथ PPF चालू रखने के लिए या तो मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के 1 साल के अंदर एक डिपॉजिट कर देना होगा या फिर अब फॉर्म एच के बजाय फॉर्म 4 भरना होगा।
  • अगर मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद बिना आगे डिपॉजिट किए PPF जारी रखना चाहते हैं तो अब खाताधारक हर वित्त वर्ष में एक विदड्रॉल कर सकेगा।
  • PPF पर लोन लेने की भी सुविधा मिलती है PPF लोन के प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान होने के बाद अकाउंटधारक को दो मासिक किस्तों में प्रिंसिपल अमाउंट के 1 फीसदी सालाना की दर से ब्याज का भुगतान करना होता है। यह ब्याज लोन लिए जाने वाले महीने के अगले महीने के पहले दिन से लेकर आखिरी किस्त भरे जाने के महीने के आखिरी दिन तक की अवधि के लिए देना होता है। अगर PPF लोन को चुकाए जाने की तय अवधि के अंदर पूरा लोन चुकता नहीं किया जाता है तो लोन लेने वाले को 6 फीसदी सालाना की दर से ब्याज चुकाना होगा।

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