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युवाओं के बीच पॉपुलर चाइनीज वीडियो ऐप टिकटॉक पर लगा बैन मद्रास हाईकोर्ट ने हटा लिया

नई दिल्ली: युवाओं के बीच पॉपुलर चाइनीज वीडियो ऐप टिकटॉक पर लगा बैन मद्रास हाईकोर्ट ने हटा लिया है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मद्रास हाईकोर्ट ने 3 अप्रैल को पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप में इस पर बैन लगाने के लिए सरकार को निर्देश जारी किया था। कोर्ट के निर्देश पर केंद्र सरकार ने 18 अप्रैल से इसके डाउनलोडिंग पर बैन लगा दिया था जिसके बाद इसे आईओएस के ऐप स्टोर और एंड्रायड के प्लेस्टोर से हटा दिया गया था। TikTok Ban के खिलाफ टिकटॉक की डेवलपर कंपनी बाइटडांस ने याचिका दायर किया था। उसकी इस याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल तक फैसला सुनाने को कहा था। अगर आज हाईकोर्ट फैसला न सुनाती तो यह बैन खुद हट जाता।

TikTok Ban के कारण बाइटडांस को हर दिन करीब 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा बाइटडांस टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन के 250 से अधिक कर्मियों के रोजगार जाने का खतरा पैदा हो गया। यह जानकारी कंपनी ने कोर्ट फाइलिंग में दी थी। टिकटॉक यूजर्स को स्पेशल इफेक्ट्स वाले शॉर्ट वीडियोज बनाकर उन्हें ऑनलाइन अपलोड करने का विकल्प देता है। एनालिटिक्स फर्म सेंसर टॉवर के मुताबिक भारत में अब तक इसे करीब 30 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं और वैश्विक स्तर पर 100 करोड़ लोग।

टिकटॉक पर बैन के खिलाफ डेवलपर बाइटडांस ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था। बाइटडांस ने याचिका में आग्रह किया था कि कोर्ट आईटी मिनिस्ट्री को बैन हटाने के लिए आदेश दे ताकि यह एक बार फिर ऐप स्टोर और प्लेस्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो सके। कंपनी ने हर दिन 50 करोड़ रुपये के नुकसान का हवाला दिया और कहा कि इस बैन के कारण एडवरटाजर्स और इंवेस्टर्स दोनों के रिपुटेशन और गुडविल प्रभावित हो रहे हैं और उसे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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