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यस बैंक के ग्राहकों को बड़ी राहत, 18 मार्च को हटेगी रोक

नई दिल्ली

यस बैंक (Yes Bank) पर लगी रोक 18 मार्च को हटा ली जाएगी और सीईओ और MD प्रशांत कुमार की अध्यक्षता वाला नया बोर्ड इस महीने के आखिर तक अपनी जगह लेगा, सरकार ने इसकी जानकारी दी है। सरकार ने शुक्रवार को यस बैंक रीकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 को अधिसूचित किया है। इस प्लान के अंदर एसबीआई तीन साल की अवधि तक अपनी हिस्सेदारी को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकता है। जबकि दूसरे निवेशक और शेयरधारकों का बैंक में 75 फीसदी निवेश के लिए लॉक इन पीरियड तीन साल का रहेगा। हालांकि, यह लॉक इन पीरियड 100 शेयर से कम वाले शेयरधारकों पर लागू नहीं होगा।

कुमार के अलावा यस बैंक के रीकंस्ट्रक्शन के बाद नये बोर्ड में सुनील मेहता (पूर्व पीएनबी नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन) नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद पर होंगे और महेश कृष्णमूर्ति और अतुल भेडा नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर होंगे। गैजेट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यस बैंक रीकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020, 13 मार्च से लागू होगी।

RBI ने 5 मार्च को यस बैंक पर रोक लगाई थी जिसमें 3 अप्रैल तक विद्डॉल की सीमा 50,000 रुपये तक की गई थी। इसके अलावा संकट में फंसे प्राइवेट सेक्टर के बैंक के बोर्ड को हटा दिया गया था और प्रशांत कुमार को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया गया था।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार द्वारा पुनर्गठित बैंक पर लगाई गई रोक का आदेश इस स्कीम के शुरू होने की तारीख से तीसरे कामकाजी दिन के शाम 6 बजे तक अप्रभावी हो जाएगा। इस डील के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगतान पूंजी के 49 फीसदी से ऊपर नहीं जाएगी। एसबीआई नये बोर्ड में दो डायरेक्टर को नामिल करेगा और आरबीआई एक या ज्यादा एडिशनल डायरेक्टर को नियुक्त कर सकता है।

एसबीआई के अलावा निजी कर्जदाता में कोई भी निवेशक जिसका वोटिंग राइट 15 फसीदी है, वह यस बैंक के बोर्ड पर एक डायरेक्टर को नॉमिनेट कर सकता है।

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